गया जी वैदिक सेवा

रुद्राभिषेक

रुद्राभिषेक

रुद्राभिषेक क्या है?

रुद्राभिषेक भगवान शिव के रुद्र स्वरूप का विशेष अभिषेक अनुष्ठान है, जिसमें जल, दूध, दही, शहद, घी एवं गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक करते हुए रुद्री एवं वैदिक मंत्रों का पाठ किया जाता है।

गया जी में यह पूजा पितरों से संबंधित बाधाओं की शांति के साथ-साथ परिवार में सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य लाभ एवं मानसिक शांति हेतु भी अत्यंत फलदायी मानी जाती है।

रुद्राभिषेक का महत्व एवं लाभ

भगवान शिव को पितरों के देवता के रूप में भी पूजा जाता है, विशेषकर पितामहेश्वर धाम में। पिंड दान एवं श्राद्ध कर्म के साथ रुद्राभिषेक करवाने से पितृ दोष की शांति के साथ-साथ भगवान शिव की विशेष कृपा भी प्राप्त होती है।

यह पूजा नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर परिवार में सकारात्मकता, स्वास्थ्य एवं आर्थिक स्थिरता लाने में सहायक मानी जाती है।

इस सेवा में क्या-क्या शामिल है?

शिवलिंग अभिषेक सामग्री (दूध, दही, शहद, घी) रुद्री पाठ एवं मंत्रोच्चार पितामहेश्वर धाम पूजा व्यवस्था पंडित जी की व्यक्तिगत सेवा आरती एवं प्रसाद व्यवस्था

पूजा प्रक्रिया

1

संकल्प

यजमान द्वारा परिवार कल्याण एवं पितृ शांति हेतु संकल्प लिया जाता है।

2

अभिषेक

शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद एवं घी से क्रमवार अभिषेक किया जाता है।

3

रुद्री पाठ एवं आरती

वैदिक रुद्री मंत्रों के पाठ सहित आरती संपन्न की जाती है।

संबंधित प्रश्न

रुद्राभिषेक स्वतंत्र रूप से भी करवाया जा सकता है, परंतु अनेक यजमान इसे पिंड दान अथवा पितृ दोष निवारण पूजा के साथ संयुक्त रूप से करवाना पसंद करते हैं।

सामान्यतः यह पूजा 1.5 से 2 घंटे में पूर्ण हो जाती है।
पूजा शुल्क
₹5,100 / परिवार
  • अनुभवी गयावाल पंडित द्वारा संपन्न
  • संपूर्ण पूजन सामग्री शामिल
  • विष्णुपद मंदिर के निकट व्यवस्था
  • हिंदी एवं अंग्रेजी मार्गदर्शन

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